सफाई व्यवस्था सुधरी सिर्फ बीस प्रतिशत

जागरण संवाददाता, बरेली: शुक्र है अफसरों ने गुलाबनगर पर ध्यान दिया, वर्ना यहां गोबर बम जरूर फट गया होता। बम के बुरादे पर बसे गुलाबनगर में सिर्फ बीस प्रतिशत ही सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ। इसके अलावा वहां की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। लोगों में इसके खिलाफ रोष पनप रहा है। अफसरों ने अगर ध्यान नहीं दिया तो लोगों के रोष का बम कभी भी फट सकता है।

जागरण आपके द्वार कार्यक्रम के तहत पिछले रविवार को जागरण की टीम ने शहर के वार्ड 55 गुलाबनगर में लोगों की समस्याएं जानी थी। इलाके में सबसे बड़ी समस्या अवैध रूप से चल रही 55 डेयरियों की थी। इनकी वजह से इलाके में जबरदस्त गंदगी का आलम मिला। नालियों और सीवर लाइनों में डेयरियों का गोबर बहाया जा रहा था। इसके कारण नालियां और सीवर चोक थे। रास्तों पर गंदगी बह रही थी। वहीं, कूड़ा भी जगह-जगह बिखरा पड़ा था। खुले डिप, टूटी हुई पुलिया, क्षतिग्रस्त सड़कें लोगों के लिए जख्मों का साधन बनी हुई पाई गई। कई जगह जलभराव की स्थिति थी। इलाके में बंदरों का भी जबरदस्त आतंक मिला। बिजली के तार भी झूलते पाए गए। लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। बावजूद इसके अधिकारियों ने सक्रियता नहीं दिखाई। एक सप्ताह भर बाद भी सिर्फ नाममात्र काम वार्ड में हुआ है। पार्षद विपुल लाला ने बताया कि सफाई व्यवस्था में पहले से करीब 20 प्रतिशत सुधार है। इसके अलावा कोई भी व्यवस्था नहीं सुधरी है। अव्यवस्थाओं के बीच ही लोगों ने त्योहार मनाए हैं। इससे लोगों में रोष है, जो कभी भी बाहर आ सकता है।