कालबैक करने में बरतें सावधानी

जागरण ब्यूरो, पटना। आनंदपुरी के रमाशंकर को शुक्रवार को बारह अंकों के फोन नंबर से मिस काल आई। परिचित का नंबर समझ उन्होंने पलट कर उसी नंबर पर फोन लगा दिया। दूसरी तरह से बताया गया कि आपका नंबर एक सुप्रसिद्ध कंपनी की ईनामी स्कीम में चुना गया है और आपने 25 लाख का पुरस्कार जीता है। फोन कटने के बाद पता चला कि बैलेंस से चालीस रुपये से ज्यादा उड़ गए हैं।

बारह अंकों वाली काल मोबाइल उपभोक्ताओं की जमकर जेब काट रही है। उपभोक्ताओं के बैलेंस में सेंध लगाने वाले शातिरों ने भारतीय उपभोक्ताओं पर निशाना साधा है। अन्तरराष्ट्रीय नंबरों से सामान्यतया देर रात या भोर के समय मिस काल आती है। सामान्य तौर पर मोबाइल नंबर पर आने वाली कालों के आगे +91 दर्ज होकर आता है। यह भारत का अन्तरराष्ट्रीय कोड है। मिस काल आने पर उपभोक्ता को महसूस होता है कि फोन किसी परिचित का ही है। इसी गलतफहमी में वह उक्त नंबर पर कालबैक कर देता है और बैलेंस से खासा नंबर उड़ जाता है।

. . मिटा दें +92

बीएसएनएल अधिकारियों के अनुसार थोड़ी सी सावधानी बरत कर फर्जीवाड़े से बचा जा सकता है। अनजान नंबर से काल आने पर काल बैक करने से पहले +92 जैसा अंक हटा दें। यदि नंबर होम सर्किल से बाहर का हुआ तो नंबर जांच लेने का संदेश आएगा। इसके बाद दस अंकों के आगे 0 लगाकर डायल करें। अन्तरराष्ट्रीय नंबर होने पर काल कनेक्ट नहीं होगी और फर्जीवाड़े से बचना संभव हो सकेगा।

आरपी सिंह (प्रधान महाप्रबंधक, भारतीय संचार निगम लिमिटेड) ने बताया कि लुट रहे मोबाइल उपभोक्ता ऐसी शिकायतें आयी हैं। इसके बारे में उपभोक्ताओं को समय-समय पर सावधान भी किया गया है। उपभोक्ताओं को सोलह अंकों के अनजान नंबर पर री-डायल करने से बचना चाहिए।