पूजे गर्दभराज, उतारी आरती

जागरण संवाददाता, आगरा: विभूतियों को पहनाया लाल रंग का लंबा चोगा, सिर पर पगड़ी, जिस पर थी गर्दभराज की आकृति। पहनाई गई मालाओं में गूलरी और पुष्प गुच्छ के रूप में गोभी के फूल थे। स्वागत में कांव-कांव के स्वर गूंजे। हंसी, ठिठोली पूर्ण माहौल में होली की प्राचीन परंपरा को एक बार फिर जीवंत किया गया।

मौका था मूर्खानंद विश्वविद्यालय के महामूर्ख सम्मेलन (दीक्षांत समारोह) का। इसका आयोजन रविवार को सेंट एंड्रूज सीनियर सैकेंडरी स्कूल, कर्मयोगी, कमला नगर में किया गया। मुख्य अतिथि डीएम जुहेर बिन सगीर थे। उन्होंने कहा कि आज के इस तनाव पूर्ण माहौल में मनुष्य के चेहरे पर हंसी गायब हो गई है, ऐसे में इस प्रकार के आयोजन काफी महत्वपूर्ण हैं। आयोजनों की संख्या बढ़ानी चाहिए, ऐसे कार्यक्रमों से समरसता बढ़ती है। विशिष्ट अतिथि एसपी (सिटी) पवन कुमार थे। प्रारंभ अतिथियों ने गर्दभ के चित्र का माल्यार्पण किया। 'काक शिरोमणि' की उपाधि से सम्मानित विभूतियों को मूर्खानंद विवि के कुलपति डॉ. राम अवतार शर्मा ने दीक्षित किया। स्वागताध्यक्ष डॉ. गिरधर शर्मा थे। संचालन मूर्खानंद विवि के कुलसचिव राजबहादुर सिंह राज ने किया।

इन्हें दी गई 'काक शिरोमणि' उपाधि

पद्मश्री लाल बहादुर सिंह चौहान, स्वाधीनता सेनानी सरोज गौरिहार, सीडीओ प्रभांशु श्रीवास्तव, दैनिक जागरण के समाचार संपादक आनंद शर्मा, अशोक ऑटो सेल्स की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. रंजना बंसल, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. डीवी शर्मा, मून टीवी के निदेशक राहुल पालीवाल, हेल्प आगरा के महामंत्री श्रीकिशन अग्रवाल, लोक कलाकार डॉ. ब्रज विहारी लाल बिरजू, पखवाज वादक गिरधारी लाल, रंगकर्मी अजय दुबे, वरिष्ठ पत्रकार अंबरीश गौड़, मून टीवी के राजकुमार उप्पल।

इन्होंने किया सम्मानित

हरीमोहन सिंह कोठिया, डॉ. रामवीर शर्मा रवि, राघवेंद्र शर्मा, राजकुमार रंजन, मिथलेश जैन, चौधरी सुखराम सिंह, कैप्टन व्यास चतुर्वेदी, शीलेंद्र वशिष्ठ, शिवशंकर सहज।

लकी ड्रॉ में निकले कद्दू

इस समारोह में लकी ड्रॉ निकाला गया, जिसमें जिन व्यक्ति के नाम निकले, उसमें प्रथम पुरस्कार के रूप में 10 किलोग्राम कद्दू दिया। द्वितीय पुरस्कार 4 किलोग्राम लौकी, तृतीय पुरस्कार में 5 बैगन दिए गए।

डंकी डे घोषित किया जाए

डीएम जुहेर बिन सगीर को एक मांग पत्र मूर्खानंद विवि शिक्षक संघ के अध्यक्ष कैप्टन व्यास चतुर्वेदी ने दिया, जिसमें मदर, फादर डे की तरह डंकी डे घोषित करने, रीडर, प्रोफेसर, डीन को नीली बत्ती प्रयोग करने की अनुमति, स्नातक क्षेत्र से मूर्खानंद विवि के डिग्री धारकों को चुनाव लड़ने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया।