डेढ़ दर्जन तीर्थ यात्री घायल

निसं कुदरा (कैमूर)

थाना क्षेत्र अंतर्गत चिलबिजली गांव के पास जीटी रोड पर शुक्रवार की रात करीब 11 बजे तीर्थ यात्रियों से भरी बस के ट्रक से टकराने से करीब डेढ़ दर्जन लोग घायल हो गये। घायलों का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में किया गया। घायलों में राम निवास, मदन लाल, प्रकाश, धर्मचंद्र, वीरबल राम, ओमप्रकाश शामिल है। सभी घायल जिला हनुमानगढ़ राजस्थान के बताये जाते हैं।

परीक्षा फल बांटा गया

निसं कुदरा (कैमूर)

प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय भरिगांवा के प्रांगण में पंचायत लोक शिक्षक समिति चिलबिली द्वारा बीते वर्ष 18 मार्च को हुई नवसाक्षर परीक्षा परिणाम 320 नवसाक्षर के बीच वितरित किया गया। इस मौके पर प्रधानाध्यापक जितेन्द्र गुप्ता, राजेन्द्र राम, नरेन्द्र सिंह, द्रोपदी कुमारी उपस्थित थी।

दंगल में पहलवानों ने दिखाया जौहर

निसं चांद (कैमूर)

थाना क्षेत्र अंतर्गत अमाव गांव में शनिवार को बिहार केशरी राम करण राम के उपलक्ष्य में महादंगल का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन अनुमंडल पदाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में बसपा के भरत बिंद, भगवान सिंह यादव, मनोज राम, वकील यादव, जिला परिषद, बीडीओ महेश प्रसाद, सीओ अशोक कुमार, थाना प्रभारी रवि शंकर कुमार उपस्थित थे। दंगल में यूपी व बिहार के कई पहलवानों ने अपनी कुश्ती का प्रदर्शन किया।

विकलांगों की जांच कर दिया गया प्रमाण पत्र

निसं रामपुर (कैमूर)

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रामपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. प्रमोद कुमार सिंह की देखरेख में डा. केएन तिवारी व डा. अनिल सिंह ने 17 विकलांगों की जांच कर उन्हें प्रमाण पत्र दिया। वहीं दूसरी तरफ सर्जन डा. आरके पांडेय द्वारा 7 महिलाओं का बंध्याकरण आपरेशन किया गया। स्वास्थ्य प्रबंधक मो. इमरान ने बताया कि आपरेशन कराने वाली महिलाओं को 600 व नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध करायी गयी साथ ही प्रेरक को 150 रुपया दिया गया।

प्रतिनिधि मंडल से नहीं मिले डीइओ

भभुआ (कैमूर)

शनिवार को स्नातक कला एवं विज्ञान के शिक्षक अपनी पदोन्नति के लिए प्रतिनिधि मंडल के रूप में डीइओ से मिलने कार्यालय पहुंचे। पदाधिकारी द्वारा कार्य व्यस्तता के चलते प्रतिनिधि मंडल से मिलने से इंकार किये जाने पर शिक्षकों में आक्रोश है। डीइओ के नहीं मिलने से शिक्षकों ने विभाग के प्रति नाराजगी व पदाधिकारी के प्रति आक्रोश व्यक्त किया है। इस मामले को शिक्षक संघ उच्च स्तरीय बैठक कर आगे की रणनीति बनाकर लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया गया। प्रतिनिधि मंडल में राम सुरत राम, श्रीराम, रंग लाल बहादुर राय, सुभाष सिंह शामिल थे।