आदिवासी लड़कियों को गुजरात, महाराष्ट्र में बेचने का खुलासा

जयपुर [नरेन्द्र शर्मा]। राजस्थान के आदिवासी जिले डूंगरपुर, बांसवाड़ा की आदिवासी लड़कियों को गुजरात और महाराष्ट्र में बेचे जाने का मामला सामने आया है। पुलिस की जांच में आदिवासी लड़कियों को बहुत कम दामों में गुजरात और महाराष्ट्र से विदेशों में बेचने और इसके साथ ही मध्यप्रदेश से सटे सहरिया बाहुल्य जिले बारां की लड़कियों के सौदे केवल भोजन और परिवार के पालन-पोषण के नाम पर ही होने का भी खुलासा हुआ है। हालांकि गरीबी के चलते आदिवासी माता-पिता द्वारा लड़कियों को बाहर बेचे जाने को लेकर तो पहले भी कई मामले सामने आए,लेकिन इस बार एक बड़े गिरोह का भण्डाफोड़ हुआ है।

राजस्थान पुलिस ने आदिवासी बालाओं को कोटड़ा से बहला-फुसला कर भगा कर गुजरात ले जाकर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दंपती सहित तीन को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह में कुल 12 सदस्य है। शेष आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है।

डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक हरिप्रसाद शर्मा के निर्देशानुसार कोटड़ा थानाधिकारी योगेश चौहान के नेतृत्व में गठित टीम ने गऊपीपला और कोटड़ा से दो युवतियों को बहला-फुसला कर गुजरात ले जाकर उन्हें बेचने के मामले में टीम के घणेर गुजरात निवासी रामजी,गुजरात के ही नयावास निवासी वचन पुत्र मसूर खैर, इसकी पत्नी पीपल खैर को गिरफ्तार किया। इस गिरोह से पूछताछ में अन्य सदस्यों में कोटड़ा निवासी लाडूड़ा लक्ष्मण वीरिया, प्रान्तवेल बायड़ गुजरात निवासी महेन्द्र के अलावा मीना, भगत, पोपट, उजमा और मनीषा को नामजद किया है, जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है, कि इस गिरोह ने कोटड़ा तथा आसपास के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र से कितनी लड़कियों को गुजरात में ले जाकर बेचा गया इस बारे में पूछताछ की जा रही है। उदा की पुत्री को जब कोटड़ा थाने की टीम ने बरामद किया तब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि मुझे तीन लोग गाड़ी में बिठाकर मुझे सारण गांव ले गए जहां पर गुजरात के सारण निवासी हीरा भाई ठाकुर से शादी कराकर 70 हजार रुपए में बेच दिया। वहीं से पुलिस ने इसे बरामद किया। इसी आधार पर कोटड़ा में ही बोरड़ी कला निवासी रायचंदा की पुत्री को भी बहला-फुसला कर ले गया था। उसे सरलपुर मेहसाणा में लालजी को बेच दिया और वह उसकी पत्नी बन कर रह रही थी। कोटड़ा थानाधिकारी योगेश चौहान ने बताया कि जोगीवड़ निवासी उदा ने गत 17 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई कि कोटड़ा से उसकी विवाहिता पुत्री लापता हो गई है, जिसका आज तक कोई पता नहीं चला। उसका ससुराल गऊपीपला में है।

इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने जांच-पड़ताल करते हुए गिरोह तक पहुंची। इधर राज्य सरकार के सूत्रों के मुताबिक आदिवासी इलाकों की लड़कियों को गुजरात और महाराष्ट्र में बेचने को लेकर पिछले दिनों में कई मामले सामने आने के बाद अधिकारियों को इस मामले में सख्ती से नजर रखने और माता-पिता को ऐसा नहीं करने की समझाइश की जिम्मेदारी स्थानीय अधिकारियों को देने के लिए कहा गया है।